Monday, April 13, 2020

पेय जल

पेय जल 

अनिर्वचनीय कल्कि महाअवतार भोगेश्वर श्री लव कुश सिंह ”विश्वमानव“ के अवतरण से निम्नलिखित शब्द को बल मिला है इस प्रकार ये शब्द एक ”ब्राण्ड“ के रूप में व्यक्त हुये हैं जिसे उपयोग में लाया जा सकता है-
01. कर्मवेद 02. शब्दवेद 03. सत्यवेद 04. सूक्ष्मवेद 05. दृश्यवेद 06. पूर्णवेद 07. अघोरवेद 08. विश्ववेद 09. ऋृशिवेद 10. मूलवेद 11.शिववेद 12. आत्मवेद 13. अन्तवेद 14. जनवेद 15. स्ववेद 16. लोकवेद 17. कल्किवेद 18. धर्मवेद 19. व्यासवेद 20. सार्वभौमवेद 21. ईशवेद 22. ध्यानवेद 23. प्रेमवेद 24. योगवेद 25. स्वरवेद 26. वाणीवेद 27. ज्ञानवेद 28. युगवेद 29. स्वर्णयुगवेद 30. समर्पणवेद 31. उपासनावेद 32. शववेद 33. मैंवेद 34. अहंवेद 35. तमवेद 36. सत्वेद 37. रजवेद 38. कालवेद 39. कालावेद 40. कालीवेद 41. शक्तिवेद 42. शून्यवेद 43. यथार्थवेद 44. कृष्णवेद सभी प्रथम, अन्तिम तथा पंचम वेद 45. कर्मोपनिषद्-अन्तिम उपनिषद् 46. कर्म वेदान्त 47. धर्मयुक्त धर्म शास्त्र 48. ईश्वर 49. ईश्वर का संक्षिप्त इतिहास 50. ईश्वर-शास्त्र 51. पुनर्जन्म 52. श्री लव कुश: पूर्ण प्रेरक अन्तिम कल्कि अवतार 53. भोगेश्वर: योगेश्वर समाहित 54. पूर्णदृश्य-मैं 55. बहुरूप में एक 56. ईश्वर का मस्तिष्क 57. सत्य-शिव-सुन्दर 58. विश्वभारतःसार्वजनिक प्रमाणित महाभारत 59. विश्व-पुराण 60. विश्व-धर्म: सर्वधर्म समाहित 61. विश्व-कला: कृष्ण-कला समाहित 62. विश्व-गुरू 63. विश्व भक्ति 64. सत्य-पुराण 65. सत्य-धर्म 66. सत्य-कला: कृष्ण-कला समाहित 67. सत्य-गुरू 68. सत्य भक्ति 69. सत्यकाशी: पंचम, सप्तम और अन्तिम काशी 70. काशी: पंचम, प्रथम और सप्तम काशी 71. द्वारिका: स्वर्णयुग का प्रवेश द्वार 72. कृष्ण निर्माण योजना 73. बुड्ढा कृष्ण: कृष्ण का भाग दो और अन्तिम 74. धारा और राधा 75. शिवद्वार: शिवयुग का प्रवेश द्वार 76. जीव का शिव में निर्माण 77. सत्व-रज-तम: राम-कृष्ण-लवकुश 78. लवकुश: सेतू या से तू 79. भोग माया: योग माया समाहित 80. मैं हूँ तैतीस करोड़ 81. अर्धनारीश्वर 82. काल-काली-काला 83. सृष्टि-स्थिति-प्रलय और सृष्टि 84. पशुपास्त्र: ब्रह्मास्त्र व नारायणास्त्र समाहित 85. पुराण पुरूषः सर्वोच्च व अन्तिम 86. पुराण: सर्वोच्च व अन्तिम 87. धर्म: सर्वोच्च व अन्तिम 88. आत्मा: सर्वोच्च व अन्तिम 89. गुरू: सर्वोच्च व अन्तिम 90. महायज्ञ: सर्वोच्च व अन्तिम 91. तीसरा नेत्र 92. मार्ग 93. बुद्धि 94. अहंकार 95. व्यापार 96. महत्वाकांक्षा 97. युग पुरूष 98. शंखनाद 99. उपासना 100. योग 101. मानक 102. एजेण्डा 103. कला 104. ध्यान 105. समर्पण 106. लीला 107. समन्वयाचार्य 108. दर्पण 109. मन 110. शिक्षा 111. रूप 112. विश्वमानव 113. चेतना 114. प्रकाश 115. दृष्टि 116. मार्ग 117. राजनीति 118. एकता 119. शान्ति 120. सेवा 121. भक्ति 122. बन्धुत्व 123. जातिवाद 124. दर्शन, सभी सर्वोच्च व अन्तिम 125. विकास-दर्शन 126. विनाश-दर्शन 127. एकात्मकर्मवाद 128. मस्तिष्क परावर्तक (ब्रेन टर्मिनेटर) 129. धर्मनिरपेक्ष धर्म शास्त्र 130. लोकतंत्र धर्म शास्त्र 131. लोक-शास्त्र 132. जन-शास्त्र 133. स्व-शास्त्र 134. लोक नायक शास्त्र 135. यथार्थ-प्रकाश 136. लोक/जन/स्व तंत्र 137. एकात्म विज्ञान 138. मानक विज्ञान 139. पूर्ण ज्ञान 140. कर्म ज्ञान 141. जय ज्ञान-जय कर्म ज्ञान 142. विश्व-उपासना 143. विश्व-योग 144. विश्व-मानक 145. विश्व-राष्ट्र-जन एजेण्डा 146. विश्व-ध्यान 147. विश्व-समर्पण 148. विश्व-लीला 149. विश्व-आत्मा 150. विश्व-समन्वयाचार्य 151. विश्व-दर्पण 152. विश्व-मन 153. विश्व-शिक्षा 154. विश्व-रूप 155. विश्वमानव-विश्वमन से युक्त 156. विश्व-बुद्धि 157. विश्व-चेतना 158. विश्व-प्रकाश 159. विश्व-दृष्टि 160. विश्व-मार्ग 161. विश्व-राजनीति 162. विश्व एकता 163. विश्व शान्ति 164. विश्व सेवा 165. विश्व महायज्ञ: सार्वजनिक प्रमाणित दृश्य 166. विश्व-बन्धुत्व 167. विश्व जातिवाद 168. विश्व अहंकार 169. सत्य-भारत 170. सत्य-उपासना 171. सत्य-योग 172. सत्य-ध्यान 173. सत्य-मानक 174. सत्य-राष्ट्र-जन एजेण्डा 175. सत्य-ध्यान 176. सत्य-समर्पण 177. सत्य-लीला 178. सत्य-आत्मा 179. सत्य-समन्वयाचार्य 180. सत्य-दर्पण 181. सत्य-मन 182. सत्य-शिक्षा 183. सत्य-रूप 184. सत्य-मानव: सत्य-मन से युक्त 185. सत्य-बुद्धि 186. सत्य-चेतना 187. सत्य-प्रकाश 188. सत्य-दृष्टि 189. सत्य-मार्ग 190. सत्य-राजनीति 191. सत्य एकता 192. सत्य शान्ति 193. सत्य सेवा 194. सत्य महायज्ञ: सार्वजनिक प्रमाणित दृश्य 195. सत्य-बन्धुत्व 196. सत्य जातिवाद 197. सत्य अहंकार 198. स्वर्णयुग का प्रथम मानव 199. मात्र यही हूँ-मानो या ना मानो 200. पाँचवा और अन्तिम सूर्य 201. चक्रान्त-चक्र का अन्त 202. दिव्य-दृष्टि 203. दिव्य-रूप 204. दृश्य-योग 205. दृश्य-ध्यान 206. ज्ञान बम 207. आध्यात्मिक न्यूट्रान बम 208. सार्वभौम सत्य-सिद्धान्त 209. मानक एवं मन का विश्व मानक और पूर्ण वैश्विक मानव निर्माण की तकनीकी 210. मन का ब्रह्माण्डीयकरण 211. सार्वभौम दर्पण-व्यक्ति से ब्रह्माण्ड तक 212. सम्पूर्ण क्रान्ति-प्रथम, अन्तिम और सर्वोच्च क्रान्ति 213. सामाजिक अभियंत्रण ;सोशल इंजिनीयरींगद्ध 214. सन् 2012: पाँचवें और अन्तिम स्वर्ण युग का आरम्भ वर्ष 215. आध्यात्मिक ब्लैक होल 216. तख्तापलट 217. एक आवाज, मधुशाला से 218. आॅकड़ा ;डाटाद्ध 219. मंथन रत्न 220. काला किताब 221. पूर्ण सकारात्मक विचार 222. विश्व संविधान का आधार 223. एक अलग यात्रा 224. समभोग: एकात्म भाव से भोग 225. सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय 226. वसुधैव कुटुम्बकम् 227. सर्वेभवन्तु सुखिनः 228. अगीतांजलि 229. सत्य शास्त्र 230. व्यवस्था परिवर्तन का प्रथम प्रारूप 231. मोक्षदायिनी 232. जीवनदायिनी 233. मरा हुआ जीवित मानव
पेय जल के लिए हमारा ब्राण्ड-”मोक्षदायिनी काशी“, ”जीवनदायिनी काशी“, और ”जरगो फ्रेश“




राष्ट्र निर्माण के पुस्तक

राष्ट्र निर्माण के पुस्तक

काल, मनवन्तर, युग, शास्त्र परिवर्तन और अनिर्वचनीय कल्कि महाअवतार भोगेश्वर श्री लव कुश सिंह ”विश्वमानव“ के अवतरण से राष्ट्र निर्माण से सम्बन्धित अनेक पुस्तक-पुस्तिकाओं का मार्ग मिल गया है जिससे ”पावर और प्राफिट“ की ओर बढ़ गये मनुष्यता को मस्तिष्क के विकास को ओर भी विकास का मार्ग उपलब्ध होगा।
125 करोड़ की जनसंख्या वाला भारत देश में हिन्दी भाषी जनसंख्या 70 करोड़ है। और लाल किताब-पीला किताब, धर्म ग्रन्थ इत्यादि बिकते रहते है। और वो किताब जिसे ”विश्वशास्त्र“ कहा जा रहा है जो एक काल, मनवन्तर, युग परिवर्तन से लेकर विश्व सरकार के गठन तक का मार्गदर्शन से युक्त हो जो व्यक्ति के पूर्ण ज्ञान, पूर्ण शिक्षा पाठ्यक्रम सहित नीति आयोग तक के लिए उपयोगी है। ”विश्वशास्त्र“ त्रिलोक के अदृश्य कल्पना/कथा नहीं बल्कि इस लोक के व्यावहारिक ज्ञान का शास्त्र है। सभी शिक्षा एक तरफ, ”विश्वशास्त्र“ एक तरफ। सभी पुस्तक-शास्त्र एक तरफ, ”विश्वशास्त्र“ एक तरफ। हर घर का शान और प्राण ” ”विश्वशास्त्र““, धरती के नागरिक का जीवनशास्त्र ” ”विश्वशास्त्र““, स्वर्ण युग का शास्त्र ”विश्वशास्त्र“ की स्थिति है। भारत में हिन्दी भाषा जानने वालों की स्थिति ये है-
01. बिहार जनसंख्या-103,804,637 साक्षरता-63.82 प्रतिशत
02. छत्तीसगढ़ जनसंख्या-25,540,196 साक्षरता-71.04 प्रतिशत
03. हरियाणा जनसंख्या-25,353,081 साक्षरता-76.64 प्रतिशत
04. हिमाचल प्रदेश जनसंख्या-6,856,509 साक्षरता-83.78 प्रतिशत
05. झारखण्ड         जनसंख्या-32,966,238 साक्षरता-67.63 प्रतिशत
06. मध्य प्रदेश जनसंख्या-72,597,565 साक्षरता-70.63 प्रतिशत
07. महाराष्ट्र जनसंख्या-112,372,972 साक्षरता-82.91 प्रतिशत
08. पंजाब जनसंख्या-27,704,236 साक्षरता-76.68 प्रतिशत
09. राजस्थान         जनसंख्या-68,621,012 साक्षरता-67.06 प्रतिशत
10. उत्तर प्रदेश जनसंख्या-199,581,477 साक्षरता-69.72 प्रतिशत
11. उत्तराखण्ड जनसंख्या-10,116,752 साक्षरता-79.63 प्रतिशत
12. पश्चिम बंगाल जनसंख्या-91,347,736 साक्षरता-77.08 प्रतिशत
13. चण्डीगढ़         जनसंख्या-1,054,686 साक्षरता-86.43 प्रतिशत
14. दिल्ली जनसंख्या-16,753,235 साक्षरता-86.34 प्रतिशत
हमारे द्वारा राष्ट्र निर्माण श्रृंखला से सम्बन्धित व्यक्ति के बौद्धिक विकास के लिए बस स्टेशन व रेलवे स्टेशनों, प्रदर्शनी, स्टाल, सीधे स्कूल-कालेज से विक्रय होने वाली ”विश्वशास्त्र“ पर आधारित निम्नलिखित समझ पर केन्द्रित अनेक पुस्तिका विक्रय करने के लिए उपलब्ध है। जिसे विद्यार्थी को संग्रह करने और इस रूप में प्राप्त करना असंभव है।
01. व्यापार         02. मानक         03. पूर्ण मानव                 04. सत्यकाशी
05. मुद्रक और वितरक 06. रायल्टी         07. एम.एल.एम और नेटवर्कर 08. फिल्म
09. आॅकड़ा         10. लेखक         11. भारतीय सरकार                 12. काशी-सत्यकाशी
13. स्वामी विवेकानन्द 14. नेता         15. रिलिजन/धर्म        16. विश्व-बन्धुत्व
17. भारत रत्न         18. यू.एन.ओ         19. पुरस्कार                20. दार्शनिक
21. गुरू         22. संत         23. समाज परिवर्तक         24. रचनाकर्ता/संस्थापक
25. अवतार         26. सत्य अवतार-कल्कि 27. अन्तिम सत्य 28. लव कुश
29. माँ कल्कि देवी 30. ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ



डिजिटल प्रापर्टी और एजेन्ट नेटवर्क (Digital Property&Agent Network)

डिजिटल प्रापर्टी और एजेन्ट नेटवर्क 
(Digital Property&Agent Network)
सभी के पास उपलब्ध प्रापर्टी की सूचना की पहुँच, सभी तक
प्रापर्टी डाटा बैंक के माध्यम से प्रापर्टी से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त कर व दे सकते हैं जिसमें LAND (Commercial, Industrial, Agriculture, Housing), RENT (Official, Shop, Residential, Apartment Flat, Banglow), 2 Wheeler, 4 Wheeler, ANTIQUE ITEM, Real Estate Related business इत्यादि है जिससे उससे सम्बन्धित व्यापारी सीधे उनसे ही सम्पर्क कर सकते हैं साथ ही सभी एजेन्ट आपस में भी व्यापार कर सकते हैं। 

एजेन्ट (AGENT) 
1. प्रशिक्षु एजेन्ट (TRAINEE AGENT)&-प्रशिक्षु एजेन्ट वे हैं जो इस सेवा का कोई भुगतान नहीं करते हैं। ऐसे एजेन्ट पंजीकरण के उपरान्त प्रापर्टी डाटा बैंक में डाटा इन्ट्री कर सकते हैं जो हमारी कम्पनी के साथ-साथ अन्य एजेन्ट भी देख सकते हैं परन्तु उनसे सम्पर्क कम्पनी के सिवा कोई नहीं कर सकता।
2. स्वतन्त्र एजेन्ट (FREELANCE AGENT)-स्वतन्त्र एजेन्ट वे हैं जो इस सेवा के लिए रू0 10 हजार का भुगतान करते हैं। ऐसे एजेन्ट पंजीकरण के उपरान्त प्रापर्टी डाटा बैंक में डाटा इन्ट्री कर सकते हैं जो हमारी कम्पनी के साथ-साथ अन्य एजेन्ट भी देख सकते हैं और उनसे सम्पर्क कम्पनी तथा अन्य सभी स्वतन्त्र एजेन्ट कर सकते हैं। यह भुगतान हमारे द्वारा प्लाॅट/फ्लैट लेने पर समायोजन योग्य भी है।
3. स्थायी एजेन्ट (PERMANENT AGENT)-स्थायी एजेन्ट वे हैं जो इस सेवा से रू0 10 हजार का लाभांस प्राप्त कर चुके हैं और उसके उपरान्त दो अन्य एजेन्ट का पंजीकरण इस सेवा के लिए करा चुके हैं।
4. पिन कोड एरिया एजेन्सी (PIN CODE AREA AGENCY)-कम्पनी का पिन कोड एरिया एजेन्सी वे बनते हैं जो स्वयं के साथ 11 स्वतन्त्र एजेन्ट एक साथ बनाकर नियुक्त होते हैं। एजेन्सी का विस्तृत कार्य विवरण वेबसाइट से देखा जा सकता है।

एजेन्ट को आर्थिक लाभ
यह तो सत्य हो चुका है कि बिना लाभ के कोई किसी भी प्रणाली (सिस्टम) से नहीं जु़ड़ता और यह भी उतना ही सत्य है कि बिना सिस्टम को समझे और उसमे जु़ड़े बिना कुछ भी प्राप्त नहीं हो पाता, पशुवत् जीवन जी लेना अलग बात है। पशु को ईश्वरीय सिस्टम चलाती है जिसे कहते हैं-”जाहीं विधि रखे राम, ताहीं विधि रहिए“। लेकिन मनुष्य का सिस्टम ईश्वरीय सिस्टम को पूर्णतः स्वीकार व आत्मसात् करते हुए, मनुष्य द्वारा विकसित सिस्टम से विकास को गति मिलती है। ईश्वरीय सिस्टम से ही लाखो-करोड़ों वर्षो में हम सभी यहाँ तक पहँुचे हैं जो एक धीमी गति की प्रक्रिया है। मनुष्य के सिस्टम और ईश्वरीय सिस्टम दोनों को मिलाकर विकास को गति देने के लिए ही दार्शनिकों, वैज्ञानिकों, अवतारों का आना लगा रहता है चाहे उसे मनुष्य स्वयं समझ ले या भीड़ उसे समझा दे। 
मनुष्य के सिस्टम और ईश्वरीय सिस्टम से मिलकर ही यह सिस्टम विकसित की गयी है। विश्व में पहली बार प्रयोग की जा रही इस सिस्टम का नाम-भारतीय आध्यात्म एवं दर्शन आधारित स्वदेशी विपणन प्रणालीः 3-एफ (3-F : Fuel-Fire-Fuel)  है।
1. प्रशिक्षु एजेन्ट (TRAINEE AGENT)-कम्पनी के लाभांस में प्रशिक्षु एजेन्ट भी शामिल होता है परन्तु उसे उसका भुगतान तब तक नहीं होता जब तक कि वह सेवा शुल्क रू0 10 हजार का भुगतान कर स्वतन्त्र एजेन्ट नहीं बनता।
2. स्वतन्त्र एजेन्ट (FREELANCE AGENT)-कम्पनी के लाभांस में स्वतन्त्र एजेन्ट शामिल होता है और वह उसका भुगतान केवल एक बार रू0 10,000/- प्राप्त करता है।
3. स्थायी एजेन्ट (PERMANENT AGENT)-कम्पनी के लाभांस में स्थायी एजेन्ट शामिल होता है और वह उसका भुगतान अनेक बार रू0 10,000/- के गुणक में प्राप्त करता है।
4. पिन कोड एरिया एजेन्सी (PIN CODE AREA AGENCY)-कम्पनी के लिए चाहे जिस एजेन्ट ने भी प्रेरक बनाया हो, वह किसी न किसी पिन कोड एरिया का ही होता है। एजेन्ट जिस पिन कोड एरिया का है उस पिन कोड एरिया एजेन्सी को एक निश्चित राशि लाभांस के रूप में भुगतान होता है। 
इसलिए एजेन्ट व एजेन्सी के लिए अवसर क्या हैं यह जानना आवश्यक है। एजेन्ट का शुल्क रू0 10,000/- है तो आर्थिक लाभ वितरण निम्न प्रकार होता है।

 **अ.शुल्क से लाभ- प्राप्त शुल्क का वितरण है।
***ब.लाभांस पर लाभ-वितरण प्रक्रिया प्रणाली (3-F : Fuel-Fire-Fuel) द्वारा एजेन्ट को प्रत्येक लाभांस रू0 10,000/- वितरण पर एजेन्सी और पंजीकरण करने वाले एजेन्ट को लाभ है।
नोट: कार्य न करने की इच्छा पर पद को छोड़ने की स्थिति में पद द्वारा किये गये निवेश को 100 प्रतिशत वापस करने का प्राविधान है। जबकि आपके पद पर लाभांस बनता रहता है, केवल उसका भुगतान रोक दिया जाता है। आप पुनः बिलम्ब शुल्क रू0 100/- प्रतिदिन के साथ हमारे साथ आ सकते हैं और अपना लाभांस प्राप्त कर सकते हैं। ऐसा हम इसलिए करते हैं क्योंकि जब तक भी आपने हमारे साथ कार्य किया है उससे आपने हमारा प्रचार-प्रसार ही किया है। जो आपके पद पर न रहने से नष्ट नहीं होता क्योंकि यह रायल्टी का सत्य-सिद्धान्त है। और हम स्थायी व्यापार की स्थिति में हैं।

पिन कोड एरिया एजेन्सी (PIN CODE AREA AGENCY)  का कार्य
1. अपने पिन कोड क्षेत्र के ADVOCATE, BRICK SUPPLIER, BUILDING MATERIAL SUPPLIER, CEMENT DEALER, CENTERING MATERIAL SUPPLIER, ELECTRICAL SUPPLIER, FINANCIER, FOUR WHEELER AGENCY, FOUR WHEELER SERVICE CENTER, FURNISHING SUPPLIER, GENERAL INSURANCE AGENT, GOVERNMENT SERVANT, HARDWARE SUPPLIER, HOUSING FINANCE AGENT, INTERIOR DECORATION, LIFE INSURANCE AGENT, MLM NET WORKER, PLUMBER, POP&PAINT WORKER, PROPERTY DEALER, REAL ESTATE COMPANY, REAL ESTATE INVESTOR, SAND SUPPLIER, STONE SUPPLIER, TILES&MARBLE SUPPLIER, TRADING BUSINESS OWNER, TWO WHEELER AGENCY, TWO WHEELER SERVICE CENTER, OTHER-NON OF THE ABOVE इत्यादि का स्वतन्त्र एजेन्ट के रूप में पंजीकरण करना।
2. किसी भी एजेन्ट का के.वाई.सी.सत्यापित करना और उस अनुसार वेबसाइट को अपडेट करना और उसे प्रधान कार्यालय को भेजना।


सिस्टम की विशेषताएँ
01. बिना पंजीकरण/लाॅगइन के पिन कोड स्तर पर कुल पंजीकृत एजेन्ट और लाभांस प्राप्त कर रहे एजेन्ट की सूची देख सकते हैं।
02. बिना पंजीकरण/लाॅगइन के पिन कोड स्तर पर कुल पंजीकृत एजेन्ट और लाभांस प्राप्त कर रहे एजेन्ट की सूची देख कर पिन कोड एरिया एजेन्सी का अनुमानित लाभ देख सकते हैं।
03. बिना पंजीकरण/लाॅगइन के पिन कोड एरिया एजेन्सी के लाभ के अनुमान से उस पिन कोड क्षेत्र में एजेन्सी नियुक्त है या नहीं यह देख सकते हैं।
04. बिना पंजीकरण/लाॅगइन के किसी भी पिन कोड क्षेत्र के प्रापर्टी से सम्बन्धित व्यक्तियों से सम्पर्क कर सकते हैं जिसे पिन कोड एरिया एजेन्सी ने पंजीकरण किया हैं।
05. बिना पंजीकरण/लाॅगइन के आपके व्यवसाय से सम्बन्धित ज्ञान के विकास के लिए जानकारी का विस्तृत पृष्ठ और हमारे द्वारा योजनाबद्ध परियोजनाओं की जानकारी।
06. केवल पंजीकरण करके ही प्रापर्टी डाॅटा दे सकते हैं या डाक पिन कोड क्षेत्र स्तर पर खोज सकते हैं।
07. प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति को सुनिश्चित लाभांस वितरण और सिस्टम से जुड़ने के बाद हटने का कोई रास्ता नहीं।
08. सेवा शुल्क हमेशा सुरक्षित एवं 100 प्रतिशत वापसी/समायोजन योग्य। विशेष रूप में जब तक कि आप कम्पनी से लाभांस नहीं प्राप्त कर चुके हैं। उसके बाद वापसी पर एजेन्ट का ही लाभांस में नुकसान, कम्पनी का नहीं। 
09. आपके प्रापर्टी व्यवसाय में सम्पर्क का विस्तृत दायरा। पिन कोड क्षेत्र स्तर पर प्रापर्टी खोज व सीधे खरीदने व बेचने वाले से सम्पर्क और सूचना या सौदे में कम्पनी का कोई हस्तक्षेप या लाभ में भागीदारी नहीं।
10. सूचना, सम्पर्क, लाभ, लाभांस, सेवा शुल्क सब आपका। कम्पनी मात्र एक अवसर उपलब्ध कराने वाले की भूमिका में। क्योंकि वह एक अपने बड़े परियोजना के लिए रियल इस्टेट एजेन्ट नेटवर्क तैयार करने के उद्देश्य से काम कर रही है जिसमें प्रथम अवसर पंजीकृत एजेन्ट को ही मिलेगा।

बारिश उन्हीं कमरे में पहुँचती है, जिनके छत नहीं होते हैं।
अच्छे दिन उन्हीं के आते हैं, जिनके मस्तिष्क बन्द नहीं होते हैं।


पुनर्निर्माण के प्रेरक (Catalyst)

पुनर्निर्माण के प्रेरक (Catalyst)

21st Century Definition of MLM Leader, Net worker & Business
* Fix your Business area                               
* Fix Your Customer/Network
* Refer/Sale any where in India                      
* No Liability for Collection/Delivery


नेटवर्कर-एक तेज आर्थिक गति का कार्यकत्र्ता परन्तु असम्मानित
मल्टी लेवेल मार्केटिंग प्रणाली में कार्य करने वाले व्यक्ति नेटवर्कर कहलाते हैं। 
नेटवर्कर की स्थिति-
1. समाज के व्यक्ति को ईश्वरीय सिद्धान्त व प्रणाली से परिचित कराते हैं।
2. बाजार में न मिलने वाले उपयोगी, स्वास्थ्यवर्धक, दवाओं, उत्पादों को सीधे उपभोक्ता तक पहुँचाते हैं।
3. उपभोक्ता को मात्र ग्राहक ही नहीं बल्कि व्यापारी भी बनाते हैं।
4. अपने आवश्यकता के खर्च से भी धन लाभ प्राप्त करने की प्रणाली को बताते हैं।
5. उपभोक्ता का नेटवर्क तैयार करने की शिक्षा देकर तेज गति से आर्थिक विकास करने की प्रणाली बताते हैं।
6. अपने नेटवर्क को बढ़ाने के लिए लम्बी-लम्बी यात्रा, मिटिंग, सेमिनार करते हैं। जिसमें आय भी खर्च होते रहते हैं।

समाज के व्यक्ति की स्थिति -
1. समाज के व्यक्ति को ईश्वरीय सिद्धान्त व प्रणाली की समझ मानसिक विकास न होने के कारण नेटवर्क की शक्ति की समझ का अभाव।
2. बाजार में न मिलने वाले उपयोगी, स्वास्थ्यवर्धक, दवाओं, उत्पादों पर विश्वास नहीं जबकि उत्पाद विश्वास से नहीं बल्कि गुणवत्ता आधारित होते हैं।
3. उपभोक्ता को ग्राहक और व्यापारी के अन्तर की समझ नहीं।
4. अपने आवश्यकता के खर्च से भी धन लाभ प्राप्त कर अपने आर्थिक उन्नति के मार्ग पर चलने की समझ नहीं। धन लगाकर भी काम करने की इच्छा नहीं और बिना धन लगाये भी कार्य करने की इच्छा नहीं।
5. नेटवर्क तैयार कर तेज गति से आर्थिक विकास करने की प्रणाली की समझ नहीं क्योंकि यह बुद्धि आधारित व्यापार होता है। और तमाम समस्याओं का जड़ बुद्धि की कमी ही है, इस पर विश्वास नहीं।
6. अपने जीवन का अधिकतम समय व्यक्ति और घटना चर्चा पर खर्च करने की आदत जबकि योजना और बुद्धि पर खर्च करना उपयोगी होता है।
7. प्रत्येक कर्म का परिणाम मिलता है, यह रायल्टी/ईश्वरीय का सिद्धान्त है जिसके अनुसार ही हमारा जीवन है, इसकी समझ नहीं।
8. व्यापारिक ज्ञान व बुद्धि का अभाव। जिसके कारण सदैव ग्राहक ही बने रह जाना।

नेटवर्क कम्पनी की स्थिति -
1. भारत में अधिकतम नेटवर्क कम्पनी स्थायी और बड़े लक्ष्य को लेकर स्थापित ही नहीं हुई, स्थापना से ही इनका लक्ष्य धन कमाना और कम्पनी को बन्द कर देना रहा। ऐसा भारतीय कानून के कमजोर पकड़ के कारण हुआ। परिणामस्वरूप एक तरफ नेटवर्कर के साथ धोख हुआ तो दूसरी तरफ समाज इस व्यवसाय को एक ठगने वाला व्यवसाय समझने लगा।
2. नेटवर्क कम्पनी के इस चरित्र के कारण नेटवर्कर-एक तेज आर्थिक गति का कार्यकत्र्ता से असम्मानित व्यक्ति के रूप में देखा जाने लगा।
3. नेटवर्क कम्पनी स्थायी और बड़े लक्ष्य के साथ ईश्वरीय सिद्धान्त व प्रणाली के अनुसार स्वयं की योजना नहीं बना पायीं। रायल्टी, एवार्ड और बड़े सपने दिखाने के बावजूद रायल्टी, एवार्ड और बड़े सपने दिखाने वाली कम्पनी ही गायब हो जाती हैं।
उपरोक्त स्थिति को देखते हुये नेटवर्क व्यवसाय और नेटवर्कर को उसके सही अर्थ में समझाने और उसके सम्मान को स्थापित करने की आवश्यकता है। जिसके लिए -
1. शास्वत (हमेशा आवश्यक) उत्पाद के लिए पारम्परिक एवं डायरेक्ट मार्केटिंग का संयुक्त रूप आधारित व्यवसाय।
2. ईश्वरीय सिद्धान्त व प्रणाली के अनुसार योजना।
3. ग्रुप आॅफ नेटवर्क कम्पनी।
4. नेटवर्कर के लिए स्थायी नेटवर्क क्षेत्र और कार्य करने के लिए सम्पूर्ण भारत देश।
5. भारतीय कानून का शत-प्रतिशत स्वीकार
6. नेटवर्कर और अन्य के बौद्धिक शक्ति को सदैव बढ़ाते रहने के लिए मुद्रित सामग्री द्वारा प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है।

राष्ट्र निर्माण का व्यापार और उसकी विधि क्या है? 
राष्ट्र निर्माण के लिए परियोजना पुनर्निर्माण के पाठ्यक्रम को बेचने के लिए विद्यार्थीयों का प्रवेश ही व्यापार है और उसके लिए निम्नविधि अपनायी गयी है-

अ. निर्देश विधि (Reffer Method)-.द्वारा स्वतन्त्र प्रवेश प्रेरक (Freelance Catalyst-FC)
पाठ्यक्रम को खरीदने वाले व्यक्ति द्वारा किसी दूसरे को निर्देश देकर बिकवाने की विधि को निर्देश विधि कहते हैं।
एक बार पाठ्यक्रम खरीदने वाला व्यक्ति/संस्था हमारे लिए स्वतः ही स्वतन्त्र प्रवेश प्रेरक भी बन जाता है। स्वतन्त्र प्रवेश प्रेरक यदि व्यापार करना चाहता है तो वह पूरे भारत देश में कहीं से भी दूसरे विद्यार्थी को पंजीकृत करवा सकता है। यह पंजीकृत नया विद्यार्थी, जीवन में जब भी पाठ्यक्रम का शुल्क जमा करता है तब स्वतन्त्र प्रवेश प्रेरक को नियमानुसार अतिरिक्त लाभ प्राप्त होता है। स्वतन्त्र प्रवेश प्रेरक द्वारा पंजीकृत विद्यार्थी, जब भी छात्रवृत्ति प्राप्त करता है तब भी स्वतन्त्र प्रवेश प्रेरक को नियमानुसार अतिरिक्त लाभ प्राप्त होता है। यह क्रम स्वतन्त्र प्रवेश प्रेरक द्वारा पंजीकृत प्रत्येक विद्यार्थी के साथ चलता रहता है। 

ब. पारम्परिक विधि (Traditional Method)- द्वारा क्षेत्राधिकृत प्रेरक (Authorized Area Catalyst-AAC)
प्रवेश प्रेरक केन्द्र की विधि। इस विधि में प्रेरक/केन्द्र के क्षेत्र से हुये प्रवेश पर एक सुनिश्चित लाभ प्रेरक/केन्द्र को प्राप्त होती है चाहे विद्यार्थी का प्रवेश किसी के द्वारा हुआ हो। जबकि ये प्रेरक/केन्द्र स्वंय अपने आप में स्वतन्त्र प्रेरक भी हैं। जिस प्रकार वर्तमान में शुल्क में कमीशन आधारित अनेक विश्वविद्यालयों के दूरस्थ शिक्षा के स्टडी सेन्टर खुले हुए हैं या खुल रहे हैं। उसी प्रकार निम्न प्रकार से नीचे से उपर तक के प्रेरक/प्रवेश केन्द्र द्वारा-
1. मण्डल प्रेरक (Division Catalyst-Dv.C)   - मण्डल क्षेत्र
2. जिला प्रेरक (District Catalyst-Dt.C)          - जिला क्षेत्र
3. ”विश्वशास्त्र“ मन्दिर (Vishwshastra Temple-V.T) - जिला क्षेत्र
4. ब्राण्ड फ्रैन्चाइजी (Brand Franchisee-B.F) - जिला क्षेत्र
5. डाक क्षेत्र प्रवेश केन्द्र (Postal area Admission Center-PAC)- पिन कोड क्षेत्र
6. ग्राम/नगर वार्ड प्रेरक (Village/City ward Catalyst-V.C) - ग्राम/नगर वार्ड क्षेत्र

प्रवेश केन्द्र/ प्रेरक की योग्यता 
1. सरकार द्वारा प्रमाणित योग्यता
सरकार द्वारा प्रमाणित किसी भी शैक्षणिक व तकनीकी योग्यता का प्रवेश केन्द्र/प्रेरक की नियुक्ति के लिए मुख्य आधार नहीं है। क्योंकि ये योग्यताएँ अगली कक्षा में प्रवेश व सरकारी नौकरी में प्रयोग होती है, राष्ट्र निर्माण के कार्य के लिए प्रमाणित योग्यता महत्व नहीं रखती। इतिहास गवाह है राष्ट्र निर्माण में प्रमाणित योग्यताधारी का योगदान कम ही रहा है।
2. अप्रमाणित योग्यता
प्रवेश केन्द्र/प्रेरक की नियुक्ति के लिए मुख्य आधार अप्रमाणित योग्यता है जिसमें-व्यक्ति की चिंता, समाज की चिंता, अपने कार्य क्षेत्र की चिंता, अपने देश व इस पृथ्वी की चिंता और उसके लिए कुछ अच्छा करने के लिए शारीरिक-आर्थिक-मानसिक रूप से सशक्तता और इच्छा है।
3. अनिवार्य योग्यता
प्रवेश केन्द्र/प्रेरक की नियुक्ति के लिए उसका अपना कम्प्यूटर (लैपटाॅप/डेस्कटाॅप), प्रिंटर, स्कैनर व बिजली की उपलब्धता के लिए इन्वर्टर, इन्टरनेट कनेक्शन और इन सबको चलाने का ज्ञान अनिवार्य है। और वह अपने कार्य क्षेत्र का निवासी होना चाहिए।

व्यापार का स्थायित्व (Stability of Business)
ज्ञान के इस युग में शिक्षा-विद्या-कला का व्यापार मनुष्य के धरती पर रहने तक रहेगा। ऐसी स्थिति में हमारा यह व्यापार भी उस समय तक के लिए स्थायित्व में है। शिक्षा-विद्या-कला कोई प्रापर्टी नहीं है कि पिता जी ग्रहण कर चुके हैं तो पुत्र को हिस्सा प्राप्त हो जायेगा। पुत्र को भी वहीं से अर्थात् अक्षर ज्ञान से शुरू होना पड़ेगा जहाँ से पिता ने शुरू किया था।

प्रवेश केन्द्र/ प्रेरक-अधिक लाभ के सामान्य लक्ष्ययुक्त कार्य
प्रवेश केन्द्र/प्रेरक को इस प्रणाली से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित कार्य अवश्य करना चाहिए और सबसे पहले इन्हें लक्ष्य बनाना चाहिए-
अ.अधिक से अधिक सत्य मानक शिक्षा के अन्तर्गत प्रवेश पंजीकरण करायें चाहे वह भारत में कहीं भी हों।
ब.सत्य नेटवर्क के निम्नलिखित नेटवर्क में अधिक से अधिक लोगों को जोड़े-
01. डिजिटल ग्राम नेटवर्क (Digital Village Network)-प्रत्येक ग्राम से एक
02. डिजिटल नगर वार्ड नेटवर्क (Digital City Ward Network)-प्रत्येक नगर वार्ड से एक
03. डिजिटल एन.जी.ओ/ट्रस्ट नेटवर्क (Digital NGO/Trust Network)-अनेक
04. डिजिटल विश्वमानक मानव नेटवर्क (Digital World Standard Human Network)-अनेक
05. डिजिटल नेतृत्व नेटवर्क (Digital Leader Network)-अनेक
06. डिजिटल जर्नलिस्ट नेटवर्क (Digital Journalist Network)-अनेक
07. डिजिटल शिक्षक नेटवर्क (Digital Teacher Network)-अनेक
08. डिजिटल शैक्षिक संस्थान नेटवर्क (Digital Educational Institute Network)-अनेक
09. डिजिटल लेखक-ग्रन्थकार-रचयिता नेटवर्क (Digital Author Network)-अनेक
10. डिजिटल गायक नेटवर्क (Digital Singer Network)-अनेक
11. डिजिटल खिलाड़ी नेटवर्क (Digital Sports Man Network)-अनेक
12. डिजिटल पुस्तक विक्रेता नेटवर्क (Digital Book Saler Network)-अनेक
13. डिजिटल होटल और आहार गृह नेटवर्क (Digital Hotel & Restaurant Network)-अनेक

प्रेरक को आर्थिक लाभ
यह तो सत्य हो चुका है कि बिना लाभ के कोई किसी भी प्रणाली (सिस्टम) से नहीं जु़ड़ता और यह भी उतना ही सत्य है कि बिना सिस्टम को समझे और उसमे जु़ड़े बिना कुछ भी प्राप्त नहीं हो पाता, पशुवत् जीवन जी लेना अलग बात है। पशु को ईश्वरीय सिस्टम चलाती है जिसे कहते हैं-”जाहीं विधि रखे राम, ताहीं विधि रहिए“। लेकिन मनुष्य का सिस्टम ईश्वरीय सिस्टम को पूर्णतः स्वीकार व आत्मसात् करते हुए, मनुष्य द्वारा विकसित सिस्टम से विकास को गति मिलती है। ईश्वरीय सिस्टम से ही लाखो-करोड़ों वर्षो में हम सभी यहाँ तक पहँुचे हैं जो एक धीमी गति की प्रक्रिया है। मनुष्य के सिस्टम और ईश्वरीय सिस्टम दोनों को मिलाकर विकास को गति देने के लिए ही दार्शनिकों, वैज्ञानिकों, अवतारों का आना लगा रहता है चाहे उसे मनुष्य स्वयं समझ ले या भीड़ उसे समझा दे। 
मनुष्य के सिस्टम और ईश्वरीय सिस्टम से मिलकर ही यह सिस्टम विकसित की गयी है। जो सामाजिक-आर्थिक प्रणाली और शिक्षा के दायित्व पर आधारित सत्य सामाजिक अभियंत्रण (Real Social Engineering-RSE) का सर्वोच्च उदाहरण है। विश्व में पहली बार प्रयोग की जा रही इस सिस्टम का नाम-भारतीय आध्यात्म एवं दर्शन आधारित स्वदेशी विपणन प्रणालीः 3-एफ (3-F : Fuel-Fire-Fuel) है। राष्ट्र निर्माण के लिए विकसित ”विश्वशास्त्र“-द नाॅलेज आॅफ फाइनल नाॅलेज, मन (मानव संसाधन) का विश्वमानक श्रृंखला, पूर्ण मानव निर्माण की तकनीकी इत्यादि की भाँति भारतीय आध्यात्म एवं दर्शन आधारित स्वदेशी विपणन प्रणालीः 3-एफ (3-F : Fuel-Fire-Fuel)  भी एक नया आविष्कार है जो उसी एक आविष्कारक द्वारा आविष्कृत है। जिसका मुख्य उद्देश्य है-”शिक्षा के प्रति अनिच्छुक व्यक्ति को पहले छात्रवृत्ति दो फिर शिक्षा दो“, इसलिए ही कहा गया है-”शिक्षा के लिए धन नहीं, अब धन लाभ के लिए शिक्षा।“
इसलिए प्रेरक, निवासी व अन्य के लिए अवसर क्या हैं यह जानना आवश्यक है शेष लाभ तो अनमोल हैं। उदाहरण के लिए यदि किसी पाठ्यक्रम का शुल्क रू0 3000/- है तो आर्थिक लाभ वितरण निम्न प्रकार होता है। शुल्क चाहे जो भी हो लाभ वितरण प्रतिशत के अनुसार होता है-

अ.पाठ्यक्रम शुल्क से लाभ-पाठ्यक्रम के लिए प्राप्त शुल्क का वितरण है।
ब.छात्रवृत्ति, सहायता व सामाजिक सहायता से लाभ-प्रत्येक छात्रवृत्ति (रू0 5000/-), प्रत्येक सहायता व प्रत्येक सामाजिक सहायता वितरण प्रक्रिया प्रणाली (3-F : Fuel-Fire-Fuel) से लाभ है।
नोटः 
1. स्वतन्त्र प्रेरक वे हैं जो क्र.स.1 से लेकर 7 तक के पद पर नहीं हैं। जबकि क्र.स.1 से लेकर 7 तक के पद स्वयं स्वतन्त्र प्रेरक भी हैं। क्र.स.1 से लेकर 7 तक के पद यदि अन्य का पंजीकरण करते हैं तो उन्हें स्वतन्त्र प्रेरक का भी लाभ मिलता है। शुल्क संग्रह व वितरण के लिए केवल डाक क्षेत्र प्रवेश केन्द्र ही अधिकृत हैं।
2. हमारे प्रणाली में केन्द्र/प्रेरक का लाभ सुनिश्चित रहता है क्योंकि उनका क्षेत्र निर्धारित करने तथा प्रत्येक विद्यार्थी के प्रवेश शुल्क भुगतान से नीचे से ऊपर तक को लाभ वितरण होता है। एल.एम कम्पनीयों में एक व्यक्ति के जुड़ने से सिर्फ कम्पनी, रेफर करने वाले और अपलाइन को लाभ होता है। हमारे (3-F : Fuel-Fire-Fuel)  छात्रवृत्ति वितरण प्रणाली में एक विद्यार्थी के जुड़ने से कम्पनी, स्वयं विद्यार्थी, रेफर करने वाले, पिन कोड डाक क्षेत्र प्रवेश केन्द्र, जिला, ब्राण्ड फ्रैन्चाइजी, विश्वशास्त्र मन्दिर, मण्डल प्रेरक तक को लाभ होता है।

परियोजना-पुननिर्माण की संचालन प्रणाली की विशेषताएँ
01. बिना पंजीकरण/लाॅगइन के विभिन्न क्षेत्र स्तर पर कुल पंजीकृत विद्यार्थी और लाभांस प्राप्त कर रहे विद्यार्थी की सूची देख सकते हैं।
02. बिना पंजीकरण/लाॅगइन के पिन कोड स्तर पर कुल पंजीकृत विद्यार्थी और लाभांस प्राप्त कर रहे विद्यार्थी की सूची देख कर परियोजना-पुनर्निर्माण के विभिन्न पदों का अनुमानित लाभ को देख सकते हैं।
03. बिना पंजीकरण/लाॅगइन के परियोजना-पुनर्निर्माण के विभिन्न पदों के लाभ के अनुमान से उस क्षेत्र में परियोजना-पुनर्निर्माण के विभिन्न पद नियुक्त है या नहीं यह देख सकते हैं।
04. बिना पंजीकरण/लाॅगइन के आपके जीवन से सम्बन्धित ज्ञान के विकास के लिए जानकारी का विस्तृत पृष्ठ और हमारे द्वारा योजनाबद्ध परियोजनाओं की जानकारी पढ़ सकते हैं।
05. हमारा विद्यार्थी सार्वभौम पूर्ण ज्ञान से युक्त होकर मानसिक स्वतन्त्रता के मुख्यधारा के मार्ग पर चलते हुये शिक्षित, विचारशील, रचनात्मक और नेतृत्वशील बनेगा।
06. हमारा विद्यार्थी ”सत्य मानक शिक्षा“ का व्यापार करे या ना करे, दोनों स्थिति में छात्रवृत्ति और सहायता को प्राप्त करता रहेगा।
07. हमारा कोई विद्यार्थी, हमारे से जुड़े 1.रेस्टूरेण्ट (Restaurants), 2.चिकित्सक (Doctors), 3.मेडिकल स्टोर (Medical Store), 4.दैनिक प्रयोग के दुकान (FMCG Store), 5.जैविक स्टोर (Organic Store), 6.हमारा विद्यार्थी (Our Student) या किसी भी डाक क्षेत्र प्रवेश केन्द्र से आवश्यकता पड़ने पर सप्ताह में 1 बार और अधिकतम रू0 500.00 की नगद राशि या सेवा या वस्तु प्राप्त कर सकता है जो लेने वाले के छात्रवृत्ति से समायोजित हो जाती है।
08. हमारा विद्यार्थी, यदि किसी भी प्रकार का व्यापार या समाजसेवा इत्यादि से है तो वह अपना विज्ञापन देकर अपने जिला क्षेत्र तक आसानी से पहुँच सकता है।
09. हमारा विद्यार्थी, अपने व्यवसाय और स्थान के अनुसार पूरे देश के अन्य विद्यार्थी से सम्पर्क कर सकता है और वर्गीकृत विज्ञापन में सूचीबद्ध हो सकता है।
10. हमारा विद्यार्थी, ब्लाॅग (Blog) के माध्यम से अपने किसी परियोजना (Project), फिल्म स्क्रिप्ट (Film Script), पुरातन, विलक्षण एवं दुर्लभ सूचना (Antique, Unique & Rare Information), पुस्तक (Book) सामान्य ;ळमदमतंसद्ध को पूरे देश के सामने ला सकता है और लोगों के सम्पर्क में आ सकता है। 
11. हमारा विद्यार्थी शारीरिक-आर्थिक-मानसिक स्थिति से स्वतन्त्र होकर पूरे भारत देश में भ्रमण कर सकता है।

परियोजना-पुननिर्माण पद
1.मण्डल प्रेरक (Division Catalyst-Dv.C)
मण्डल प्रेरक कौन हो सकता है?
1. मण्डल प्रेरक की नियुक्ति के लिए प्रेरक के लिए निर्धारित योग्यता होनी चाहिए। 
2. मण्डल प्रेरक उसी जिले का एम.बी.ए.डिग्रीधारी व्यक्ति होना चाहिए।
मण्डल प्रेरक के कार्य/जिम्मेदारी-
1. अपने मण्डल क्षेत्र के निवासीयों का प्रवेश पंजीकरण कराना। जिला क्षेत्र से माह में कम से कम 2,000 पंजीकरण स्वयं, स्वतन्त्र प्रवेश प्रेरक, जिला प्रेरक, डाक क्षेत्र प्रवेश केन्द्र और ग्राम/नगर वार्ड प्रेरक के माध्यम से होना चाहिए अन्यथा उनका मण्डल प्रेरक पद निरस्त कर दिया जायेगा।
2. अपने मण्डल क्षेत्र के अन्र्तगत आने वाले प्रत्येक जिला और पिन कोड क्षेत्र में एक जिला प्रेरक और डाक क्षेत्र प्रवेश केन्द्र (PAC) की नियुक्ति हेतु आवेदन प्राप्त करना और उसका निर्धारण करना।
3. जिला और पिन कोड क्षेत्र में नियुक्त डाक क्षेत्र प्रवेश केन्द्र (PAC) के माध्यम से अपने लक्ष्य को प्राप्त करना।
4. डिजिटल एन.जी.ओ/ट्रस्ट नेटवर्क में जिले के एन.जी.ओ/ट्रस्ट को जोड़ना।

परियोजना-पुननिर्माण पद
2.जिला प्रेरक (District Catalyst-Dt.C)  
जिला प्रेरक कौन हो सकता है?
1. जिला प्रेरक की नियुक्ति के लिए प्रेरक के लिए निर्धारित योग्यता होनी चाहिए। 
2. जिला प्रेरक उसी जिले का एन.जी.ओ/ट्रस्ट होना चाहिए।
3. डिजिटल एन.जी.ओ/ट्रस्ट नेटवर्क (Digital NGO/Trust Network)  में शामिल होना चाहिए। 
जिला प्रेरक के कार्य/जिम्मेदारी-
1. अपने जिला क्षेत्र के निवासीयों का प्रवेश पंजीकरण कराना। जिला क्षेत्र से माह में कम से कम 1000 पंजीकरण स्वयं, स्वतन्त्र प्रवेश प्रेरक, डाक क्षेत्र प्रवेश केन्द्र और ग्राम/नगर वार्ड प्रेरक के माध्यम से होना चाहिए अन्यथा उनका जिला प्रेरक पद निरस्त कर दिया जायेगा।
2. अपने जिला क्षेत्र के अन्र्तगत आने वाले प्रत्येक पिन कोड क्षेत्र में एक डाक क्षेत्र प्रवेश केन्द्र (PAC) की नियुक्ति हेतु आवेदन प्राप्त करना और उसका निर्धारण करना।
3. पिन कोड क्षेत्र में नियुक्त डाक क्षेत्र प्रवेश केन्द्र (PAC) के माध्यम से अपने लक्ष्य को प्राप्त करना।
4. डिजिटल एन.जी.ओ/ट्रस्ट नेटवर्क में अपने जिले के एन.जी.ओ/ट्रस्ट को जोड़ना।

परियोजना-पुननिर्माण पद
3.”विश्वशास्त्र“ मन्दिर (Vishwshastra Temple-V.T)
 ”विश्वशास्त्र“ मन्दिर कौन हो सकता है?
1. ”विश्वशास्त्र“ मन्दिर की नियुक्ति के लिए प्रेरक के लिए निर्धारित योग्यता होनी चाहिए। 
2. ”विश्वशास्त्र“ मन्दिर उसी जिले का जन्म आधारित ब्राह्मण होना चाहिए।
 ”विश्वशास्त्र“ मन्दिर के कार्य/जिम्मेदारी-
1. अपने जिला क्षेत्र के निवासीयों का प्रवेश पंजीकरण कराना। 
2. परियोजना पुनर्निर्माण द्वारा प्रेषित विज्ञापन सामग्री का वितरण करना और ”विश्वशास्त्र“ मन्दिर का प्रबन्ध व संचालन करना।

परियोजना-पुननिर्माण पद
4.ब्राण्ड फ्रैन्चाइजी (Brand Franchisee-B.F)
ब्राण्ड फ्रैन्चाइजी कौन हो सकता है?
1. ब्राण्ड फ्रैन्चाइजी की नियुक्ति के लिए प्रेरक के लिए निर्धारित योग्यता होनी चाहिए। 
2. ब्राण्ड फ्रैन्चाइजी उसी जिले का व्यापारी होना चाहिए।
ब्राण्ड फ्रैन्चाइजी के कार्य/जिम्मेदारी-
1. अपने जिला क्षेत्र के निवासीयों का प्रवेश पंजीकरण कराना। 
2. अपने जिला क्षेत्र परियोजना पुनर्निर्माण के उत्पाद (ब्राण्ड) का पारम्परिक विधि से व्यापार करना। जिसका उत्पादन वे स्वयं भी कर सकते हैं या दूसरे जिले के ब्राण्ड फ्रैन्चाइजी के साथ मिलकर उत्पादन/खरीद सकते हैं।
3. ब्राण्ड फ्रैन्चाइजी का यह स्वतन्त्र व्यापार है

परियोजना-पुननिर्माण पद
5.डाक क्षेत्र प्रवेश केन्द्र 
(Postal area Admission Center-PAC)
डाक क्षेत्र प्रवेश केन्द्र के कार्य/जिम्मेदारी-
1. अपने डाक क्षेत्र के निवासीयों का प्रवेश पंजीकरण कराना। डाक क्षेत्र प्रवेश केन्द्र क्षेत्र से माह में कम से कम 50 पंजीकरण स्वयं और नगर वार्ड/ग्राम प्रवेश प्रेरक के माध्यम से होना चाहिए अन्यथा उनका केन्द्र निरस्त कर दिया जायेगा।
2. अपने डाक क्षेत्र के अन्र्तगत आने वाले प्रत्येक नगर वार्ड/ग्राम में एक नगर वार्ड/ग्राम प्रवेश प्रेरक की नियुक्ति करना। जिससे डिजिटल विलेज नेटवर्क और डिजिटल सिटी वार्ड नेटवर्क में उन्हें शामिल किया जा सके।
3. अपने डाक क्षेत्र के विकलांग, विधुर (60 वर्ष से कम), वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से अधिक), अनाथ (14 वर्ष या इससे कम उम्र के बच्चे जिनके माता-पिता नहीं है) और नवजात शिशु (बच्चे के जन्म होने पर नाम के स्थान पर NEWBORN लिख कर) प्रमाण के साथ नगर वार्ड/ग्राम प्रवेश प्रेरक के माध्यम से पंजीकरण कराना।
4. शुल्क, छात्रवृत्ति, सामाजिक सहायता, पाठ्य सामग्री इत्यादि के आदान-प्रदान में छात्र व नगर वार्ड/ग्राम प्रवेश प्रेरक की सहायता करना।
5. अपने डाक क्षेत्र से सम्बन्धित छात्र को सूचना या शुल्क, छात्रवृत्ति, सामाजिक सहायता, पाठ्य सामग्री इत्यादि को पहुँचाना।
6. शुल्क संग्रह, वापसी इत्यादि के आदान-प्रदान में वेबसाइट के माध्यम से कम्पनी और विद्यार्थी के बीच का माध्यम बनना।
7. प्रत्येक डाक क्षेत्र प्रवेश केन्द्र देश के किसी भी क्षेत्र के विद्यार्थी का प्रवेश, शुल्क आदान-प्रदान, छात्रवृत्ति का अंश आदान-प्रदान करने के लिए अधिकृत है।
डाक क्षेत्र प्रवेश केन्द्र के लिए अन्य लाभ व मार्गदर्शन-
1. डाक क्षेत्र प्रवेश केन्द्र को अलग से प्रोत्साहन (Incentive) राशि दी जाती है जो उन्हें वित्तीय वर्ष के उपरान्त भुगतान होता है।
2. डाक क्षेत्र प्रवश केन्द्र द्वारा माह में एक बार निर्धारित कार्यक्रमानुसार निर्धारित तिथि को कम्पनी को संग्रहित शुल्क का भुगतान करना आवश्यक है। जो पाँच कार्य दिवस के अन्दर कम्पनी को प्राप्त हो जाने चाहिए क्योंकि 6वें दिन से संग्रहित शुल्क पर 2 प्रतिशत प्रतिदिन का बिलम्ब शुल्क निर्धारित है और यह प्रोत्साहन (Incentive) राशि से घटा दी जाती है। 15 दिनों तक संग्रहित शुल्क न पहुँचने पर केन्द्र निरस्त कर दिया जाता है।
3. प्रोत्साहन (Incentive) राशि डाक क्षेत्र प्रवश केन्द्र अपने लाॅगइन क्षेत्र से देख सकता है।

परियोजना-पुननिर्माण पद
6.ग्राम/नगर वार्ड प्रेरक 
(Village/City ward Catalyst-V.C) 
ग्राम /नगर प्रेरक कौन हो सकता है?
1. ग्राम/नगर वार्ड प्रेरक की नियुक्ति के लिए ग्राम/नगर वार्ड प्रेरक के लिए निर्धारित योग्यता होनी चाहिए।
2. ग्राम/नगर वार्ड प्रेरक उसी ग्राम/नगर वार्ड का निवासी होना चाहिए।
3. ग्राम/नगर वार्ड प्रेरक की अधिकतम समय ग्राम/नगर वार्ड में ही व्यतित होना चाहिए।
4. ग्राम/नगर वार्ड प्रेरक वर्तमान ग्राम प्रधान/सभासद, असफल ग्राम प्रधान/सभासद प्रत्याशी या अन्य कोई निवासी जो बेरोजगार हो और योग्यता रखता हो।
5. डिजिटल ग्राम नेटवर्क (Digital Village Network) या डिजिटल नगर वार्ड नेटवर्क (Digital City Ward Network) में शामिल होना चाहिए। 
ग्राम /नगर वार्ड प्रेरक का कार्य
1. अपने ग्राम/नगर वार्ड का वेबसाइट सम्भालना। 
2. अपने ग्राम/नगर वार्ड क्षेत्र में ट्रस्टों द्वारा प्रायोजित सामाजिक सहायता (वृद्ध, विकलांग, विधुर, नवजात व अनाथ) दिलाने के लिए शत-प्रतिशत फार्म भरवाना। 
3. अपने ग्राम/नगर वार्ड क्षेत्र में नीजी कम्पनीें द्वारा प्रायोजित ”सत्य मानक शिक्षा“ में प्रवेश व छात्रवृत्ति दिलाने के लिए शत-प्रतिशत फार्म भरवाना। 
4. अपने ग्राम/नगर वार्ड क्षेत्र में नीजी कम्पनी द्वारा प्रायोजित ”सत्य मानक शिक्षा“ में प्रवेश के बदले सहायता (स्वास्थ्य, घरेलू पुस्तकालय, पर्यटन, शिक्षा) दिलाने के लिए शत-प्रतिशत फार्म भरवाना। 
5. अपने ग्राम/नगर वार्ड क्षेत्र में मल्टी नेशनल कम्पनीें द्वारा प्रायोजित ”रायल्टी“ दिलाने के लिए शत-प्रतिशत फार्म भरवाना। 
6. अपने ग्राम/नगर वार्ड क्षेत्र पर सदैव दृष्टि रखना और यह लक्ष्य रखना कि किसी भी निवासी का मासिक आय कम से कम रू0 10 हजार प्रति माह न रहे।
7. अपने ग्राम/नगर वार्ड क्षेत्र पर परियोजना सर्वेक्षण के अन्तर्गत सदैव दृष्टि रखना और यह देखना कि कोई गम्भीर बिमारी/असाध्य बिमारी से पीड़ित तो नहीं है। ऐसा मिलने पर तुरन्त सूचना देना। 
ग्राम /नगर प्रेरक की नियुक्ति की प्रक्रिया।
1. ग्राम/नगर वार्ड प्रेरक की नियुक्ति के लिए ग्राम/नगर वार्ड प्रेरक के लिए निर्धारित योग्यता होनी चाहिए।
2. ग्राम/नगर वार्ड प्रेरक को वेबसाइट विकास का खर्च प्रथम वर्ष में रू0 2 हजार का निवेश करने की क्षमता होनी चाहिए, उसके बाद प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण खर्च रू0 1,000/- है। ग्राम/नगर वार्ड पोर्टल (वेबसाइट-ग्राम/वार्ड के नाम से) एक माह के अन्दर ही बन कर प्रारम्भ हो जाता है। ग्राम/नगर वार्ड पोर्टल (वेबसाइट-ग्राम/वार्ड के नाम से) एक शारीरिक-आर्थिक-मानसिक विकास के साथ व्यापारिक (ई-कामर्स) लाभ/आय देने वाली वेबसाइट है। वेबसाइट के लिए रू0 2,000/- निवेश की प्रक्रिया निम्न प्रकार है -
अ. प्रथम किस्त-25 प्रतिशत-रू0 500/- 
ब. द्वितीय किस्त-50 प्रतिशत-रू0 1,000/- 
स. तृतीय और अन्तिम किस्त-25 प्रतिशत-रू0 500/- 
प्रथम किस्त देय है। शेष किस्त एक माह के अन्दर भुगतान करना होता है। ग्राम/नगर वार्ड प्रेरक नियुक्त होने के बाद परियोजना पुनर्निर्माण की कुल 25 विवरणिका (36 पृष्ठ, ए.4 साइज) और डिजिटल ग्राम/नगर वार्ड नेटवर्क की कुल 100 विवरणिका (36 पृष्ठ, ए.8 साइज) ग्राम/नगर के बुद्धिजिवी व्यक्तियों में शुल्क मुक्त रूप से वितरण के लिए दी जाती है जिससे ग्राम/नगर के बौद्धिक वर्ग यह जान सके कि निवासीयों को राष्ट्र निर्माण के मुख्यधारा में लाने की प्रक्रिया क्या है। यह विवरणिका ग्राम/नगर वार्ड प्रेरक को खरीदना पड़ता है। विवरणिका के लिए खर्च की गई राशि ग्राम/नगर वार्ड प्रेरक द्वारा सफलता पूर्वक कार्य करने पर बाद में कम्पनी द्वारा भुगतान कर दी जाती है।
ग्राम/नगर वार्ड प्रेरक के लिए विस्तृत मार्गदर्शन डिजिटल ग्राम/नगर वार्ड नेटवर्क की विवरणिका में उपलब्ध है।

परियोजना-पुननिर्माण पद
7.स्वतन्त्र प्रेरक (Freelance Catalyst-F.C)
एक बार पाठ्यक्रम खरीदने वाला व्यक्ति/संस्था हमारे लिए स्वतः ही स्वतन्त्र प्रवेश प्रेरक भी बन जाता है। स्वतन्त्र प्रवेश प्रेरक यदि व्यापार करना चाहता है तो वह पूरे भारत देश में कहीं से भी दूसरे विद्यार्थी को पंजीकृत करवा सकता है। यह पंजीकृत नया विद्यार्थी, जीवन में जब भी पाठ्यक्रम का शुल्क जमा करता है तब स्वतन्त्र प्रवेश प्रेरक को नियमानुसार अतिरिक्त लाभ प्राप्त होता है। स्वतन्त्र प्रवेश प्रेरक द्वारा पंजीकृत विद्यार्थी, जब भी छात्रवृत्ति प्राप्त करता है तब भी स्वतन्त्र प्रवेश प्रेरक को नियमानुसार अतिरिक्त लाभ प्राप्त होता है। यह क्रम स्वतन्त्र प्रवेश प्रेरक द्वारा पंजीकृत प्रत्येक विद्यार्थी के साथ चलता रहता है। 

पुनर्निर्माण-3-एफ (3-F : Fuel-Fire-Fuel) विपणन प्रणाली से युक्त

पुनर्निर्माण-3-एफ (3-F : Fuel-Fire-Fuel)
विपणन प्रणाली से युक्त

राष्ट्र निर्माण के लिए पुनर्निर्माण-सत्य शिक्षा का राष्ट्रीय तीव्र मार्ग भारतीय आध्यात्म एवं दर्शन आधारित स्वदेशी विपणन प्रणाली 3-एफ (3-F : Fuel-Fire-Fuel) से युक्त है अर्थात् इसमें शामिल होने वाले व्यक्ति/संस्था को शिक्षा के साथ-साथ, छात्रवृत्ति और रायल्टी या सहायता निश्चित रूप से प्राप्त होती है।

13.हमारा उद्देश्य क्या है? 
1. हमारा उद्देश्य इस पाठ्यक्रम के पुस्तकों को आप तक पहुँचाना है जिससे आप ज्ञान-ध्यान-योग-चेतना के सैद्धान्तिक ज्ञान से युक्त हो जायें, जो आपके लिए अति आवश्यक है परन्तु आपको उसका ज्ञान नहीं है।
2. इन पाठ्यक्रम के पुस्तकों को पहुँचाने के क्रम में पैदा हुये व्यापार में आपको उसके लाभ का हिस्सेदार बनाना हमारा उद्देश्य है।
3. इसके ज्ञान के उपरान्त जो इच्छुक होगें वे ”सत्यकाशी यूनिवर्सल इन्टीग्रेशन साइंस यूनिवर्सिटी“ की परीक्षा पास कर उसके द्वारा खोले जाने वाले केन्द्र में नौकरी पाने के लिए अधिकृत होंगे।

14.मल्टी लेवेल मार्केटिंग (MLM) का आधार
किसी भी मल्टी लेवेल मार्केटिंग कम्पनी में एक प्रोडक्ट (उत्पाद) होता है जिसे आधार बनाकर मुद्रा का आदान-प्रदान किया जाता है यह प्रोडक्ट, पैण्ट-शर्ट-बैग, मेडिसिन, वर्चुअल करेंसी जैसे-सर्वे में वर्चुअल डाॅलर, सोशल हेल्प प्रोग्राम में मावरो, करेंसी प्वाईण्ट, एड पोस्टिंग, ई-मेल, एस.एम.एस भेजना, एजुकेशनल सी.डी इत्यादि के रूप मंे होता है। जो आपके सामने आ चुका है।

15.पुनर्निर्माण-मल्टी लेवेल मार्केटिंग (MLM) नहीं हैं।
1. क्योंकि हम बाइनरी या इस प्रकार का कोई चेन नहीं चलाते।
2. क्योंकि हम केवल इसके व्यापार करने वाले को प्रवेश (सेल्स) पर कमीशन देते हैं जैसा कि शिक्षण संस्थानों में होता है।
3. क्योंकि हम केवल अपने विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति (स्कालरशिप) देते हैं जैसा कि शिक्षण संस्थानों में होता है।

16.आपकी समस्या और हमारा उपाय
हम ये अच्छी प्रकार जानते हैं कि आपको ज्ञान की नहीं धन की जरूरत है। इसलिए ज्ञान के इस पाठ्यक्रम को हम सभी भूलकर इसके व्यापार के बारे में समझने की कोशिश करते हैं। ज्ञान का पुस्तक तो इस व्यापार के साथ आप तक पहुँच ही जायेगा। सिर्फ ये सोचकर कि यह राष्ट्र निर्माण के लिए शिक्षा पाठ्यक्रम का व्यापार है कौन करेगा और कौन पढ़ेगा, आपकी बहुत बड़ी भूल होगी। 
क्या आप पैण्ट-शर्ट वाला कम्पनी किये थे तो उसके पहले आपके पास कपड़े नहीं थे? क्या आप दवा वाला कम्पनी जब किये थे तो क्या आप बीमार थे? इत्यादि...........।
नहीं, केवल उस व्यापार को आपने इसलिए किया था क्योंकि उसमें धन कमाने के अवसर थे। 
आइये अब राष्ट्र निर्माण को ही व्यापार बना लें। और ”पढ़ों और पढ़ाओं” वाले व्यापार को अपनायें।

17.पुनर्निर्माण-छात्रवृत्ति, सहायता व रायल्टी वितरण तिथि
प्रत्येक माह के 01 तारीख को आपकी छात्रवृत्ति की राशि आपके लाॅगइन एरिया में दिखने लगता है जो उस माह को छोड़कर अगले माह छात्रवृत्ति, पाठ्य सामग्री व सहायता वितरण तिथि के कार्यक्रमानुसार आपके बैंक खाते में भेज दिया जाता है। पाठ्य सामग्री व सहायता भी कार्यक्रमानुसार आपको भेज दी जाती है। सभी सहायता पाठ्यक्रम शुल्क जमा करने के तीसरे माह से प्रारम्भ होता है।

18.पुनर्निर्माण-प्रणाली की विशेषताएँ
1. बिना पंजीकरण/लाॅगइन के पिन कोड स्तर पर कुल पंजीकृत विद्यार्थी और लाभांस प्राप्त कर रहे विद्यार्थी की सूची देख सकते हैं।
2. बिना पंजीकरण/लाॅगइन के पिन कोड एरिया प्रवेश केन्द्र (प्रेरक) का अनुमानित लाभ देख सकते हैं।
3. बिना पंजीकरण/लाॅगइन के प्रेरक के लाभ के अनुमान से उस पिन कोड क्षेत्र में प्रेरक नियुक्त है या नहीं यह देख सकते हैं।
4. बिना पंजीकरण/लाॅगइन के आपके व्यवसाय से सम्बन्धित ज्ञान के विकास के लिए जानकारी का विस्तृत पृष्ठ और हमारे द्वारा योजनाबद्ध परियोजनाओं की जानकारी।
5.प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति को सुनिश्चित लाभांस वितरण और सिस्टम से जुड़ने के बाद हटने का कोई रास्ता नहीं।



ये पाठ्यक्रम क्या है?

ये पाठ्यक्रम क्या है?

व्यक्ति के पूर्णता के लिए निम्न तीन प्रकार के पाठ्यक्रम उपलब्ध है- 

अ-सामान्यीकरण (Generalization)  शिक्षा-ज्ञान के लिए
ब-विशेषीकरण (Specialization)  शिक्षा-कौशल के लिए 
स-सत्य नेटवर्क (REAL NETWORK) शिक्षा-समाज में प्रकाशित होने के लिए

अ-सामान्यीकरण (Generalization) शिक्षा
इसके अन्तर्गत REAL EDUCATION, REAL PROFESSION, REAL BOOK, REAL STATUS, REAL ESTATE AGENT, REAL KISAN  की शिक्षा पाठ्यक्रम हैं। जो पत्राचार द्वारा संचालित है। यह व्यक्ति के स्वयं अपने बुद्धि के विकास से सम्बन्धित पाठ्यक्रम है।
हम सभी व्यक्ति आधारित राजतन्त्र में राजा से उठकर व्यक्ति आधारित लोकतन्त्र में आये, फिर संविधान आधारित लोकतन्त्र में आ गये। अब पूर्ण लोकतन्त्र के लिए मानक आधारित लोकतन्त्र में हम सभी को पहुँचने की अटलनीय यात्रा का चक्र है। अर्थात् और व्यक्ति आधारित समाज व शासन से उठकर मानक आधारित समाज व शासन के निर्माण की यात्रा है। वर्तमान तक के धार्मिक-सामाजिक-राजनैतिक नेतागण जिस पूर्ण लोकतन्त्र और परफेक्ट देश या विश्व का सपना देखते हैं, पुनर्निर्माण-सत्य शिक्षा का राष्ट्रीय तीव्र मार्ग, उसी को पूर्ण करने का मार्ग है। और यह विश्व व उसके नागरिकों की विवशतापूर्ण आवश्यकता भी है। ”सत्य मानक शिक्षा व पूर्ण ज्ञान“ सेे मानवों को शिक्षित करने की एक प्रणाली व पाठ्यक्रम है पाठ्यक्रम को 20 वर्षो के मेहनत से तैयार किया गया है। इस पाठ्यक्रम को अन्य रूप में 
1. व्यवस्था परिवर्तन व सत्यीकरण का प्रथम पाठ्यक्रम
2. ”पूर्ण ज्ञान का पूरक पाठ्यक्रम“ और ”आम आदमी का समाजवादी पाठ्यक्रम“
3. काल, मनवन्तर और युग परिवर्तन का कल्कि अवतार द्वारा व्यक्त पाठ्यक्रम 
4. सम्पूर्ण क्रान्ति की कार्य योजना का पाठ्यक्रम
5. विश्व शान्ति, एकता व विश्व सरकार का मार्गदर्शक मानक पाठ्यक्रम भी कहा जाता है। 
यह कार्य भारतीय संविधान की धारा-51 (ए): नागरिक का मूल कत्र्तव्य के अनुसार राश्ट्र और मानव का ”आध्यात्मिक सत्य“ आधारित सर्वोच्च कत्र्तव्य का उदाहरण है। 

इस पाठ्यक्रम से क्या लाभ है? 
1. ज्ञान-ध्यान-चेतना के वर्तमान और भविष्य के युग में आपको पूर्णता प्रदान करता है।
2. आप चाहे जो भी शिक्षा व प्रोफेशनल शिक्षा प्राप्त किये हों, ये आपको पूरक शिक्षा देकर पूर्ण बनाता है।
3. जीवन के प्रत्येक क्षेत्र के विषय के तत्व को समझने की दिव्य-दृष्टि प्रदान करता है।
4. पृथ्वी पर हुये और हो रहे समस्त व्यापार को एक साथ आपके सामने रखता है।
5. आपको अपना मालिक स्वयं बनाता है। 

यह पाठ्यक्रम किसके लिए है? 
1. यह पाठ्यक्रम उन सभी विश्व के नागरिकों के लिए है जो इस पृथ्वी पर रहते हैं।
2. विशेषकर उनके लिए है जो ज्ञान के लिए ही अपना समय व धन खर्च करने के लिए विद्यालय, महाविद्यालय व विश्वविद्यालय की शरण में हैं।
3. यह उनके लिए भी है जो शिक्षा क्षेत्र में शिक्षक हैं और वे भी जो सामाजिक-राजनीतिक नेतृत्व के क्षेत्र में हैं।
4. यह उनके लिए नहीं है जो धन एकत्रित करने के क्षेत्र में सफल हो चुके हैं और जो धन को ही ज्ञान समझते हैं।

इस पाठ्यक्रम की मान्यता क्या है? 
1. यह पाठ्यक्रम किसी भी देश के सरकारी संस्थान द्वारा मान्य नहीं है न ही इससे कोई सरकारी नौकरी आपको प्राप्त होनी है। 
2. वर्तमान की सरकारी शिक्षा प्रणाली आपको अगली कक्षा में प्रवेश और परीक्षा पास कर निर्भरता देने वाली है।
3. यह पाठ्यक्रम आपको जीवन की परीक्षा पास करने व आप में आत्मनिर्भरता देने वाली है।
4. यह पाठ्यक्रम विश्व के बुद्धिजीवियों से मान्यता प्राप्त व उनके सपनों का पाठ्यक्रम है।
5. यह पाठ्यक्रम ईश्वरीय मान्यता प्राप्त है।
परन्तु हमारा सदैव प्रयत्न रहेगा कि ये पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, मानव संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार से मान्यता प्राप्त होकर विद्यालयों के शिक्षा पाठ्यक्रम अनिवार्य विषय के रूप में शामिल हो जिससे विश्व स्तरीय मानव का निर्माण प्रारम्भ हो सके जिसकी आवश्यकता पूरे विश्व में है। जिस ओर विश्व की बौद्धिक शक्ति की गति भी है। 

सत्य शिक्षा (REAL EDUCATION)
01. पूर्ण ज्ञान में प्रमाण पत्र (Certificate in Complete Knowledge-CCK)
02. ईश्वर शास्त्र व व्यापार ज्ञान में प्रमाण पत्र
                     (Certificate in Godics & Business Knowledge-CGBK)
03. अवतार ज्ञान में प्रमाण पत्र (Certificate in Avatar Knowledge-CAK)
04. गुरू ज्ञान में प्रमाण पत्र (Certificate in Guru Knowledge-CGK)
05. संस्थागत धर्म में डिप्लोमा (Diploma in Institutional Religion-DIR)
06. पूर्ण शिक्षा में स्नातक (Bachelor in Complete Education-BCE)
07. पूर्ण शिक्षा में परास्नातक (Master in Complete Education-MCE)
सत्य पेशा (REAL PROFESSION)
08. दृश्य योग, ध्यान और चेतना में प्रमाण पत्र
                   (Certificate in visible Yoga, Meditation & Consciousness - CVYMC)
09. डब्ल्यू.सी.एम-टी.एल.एम-श्याम.सी में प्रमाण पत्र
                   (Certificate in WCM-TLM-SHYAM.C Technology-CWT)
10. डब्ल्यू.एस.ओ-0 और कर्मज्ञान में प्रमाण पत्र
                  (Certificate in WSO-0 & Work Knowledge-CWWK)
11. पुराण लेखन कला में प्रमाण पत्र (Certificate in  Art of Puran writing-CAPW)
12. सार्वभौम विचार पर आधारित फिल्म लेखन में प्रमाण पत्र
                   (Certificate in Art of Universal thought based Film writing-CAUFW)
सत्य पुस्तक (REAL BOOK)
13. विशाल ज्ञान विज्ञान सबका समाधान (Vishal Gyan Vigyan sabka samadhan-VGVSS)
14. विश्वशास्त्र: द नाॅलेज आॅफ फाइनल नाॅलेज
             (VISHWSHASTRA  : THE   KNOWLEDGE   OF   FINAL    KNOWLEDGE  -   VKFK)
सत्य स्थिति (REAL STATUS)
15. जीवन का पैमाना (Scale Your Life) - ईश्वर चक्र पर स्वयं की स्थिति का ज्ञान
              (Know Your Position on GOD CYCLE -KYPGC)
सत्य एस्टेट एजेन्ट (REAL ESTATE AGENT)
16. रियल इस्टेट एजेन्ट में प्रमाण पत्र (Certificate in Real Estate Agent - CRE)
सत्य किसान (REAL KISAN)
17. रियल किसान में प्रमाण पत्र (Certificate in Real Kisan - CRK)

उपरोक्त पाठ्यक्रम हिन्दी, अंग्रेजी, गुजराती, बंगला व पंजाबी भाषा में उपलब्ध है।

ब - विशेषीकरण (Specialization) शिक्षा
इसके अन्तर्गत जो विद्यार्थी के निवास क्षेत्र में ही संस्थागत रूप से संचालित है। यह व्यक्ति के स्वयं अपने आजिविका के विकास से सम्बन्धित पाठ्यक्रम है। व्यक्ति कितना भी ज्ञानी क्यों न हो जाये उसे अपने आजीविका के लिए काम तो करना ही पड़ता है। इसलिए उसे युगानुसार कौशल सम्बन्धित पाठ्यक्रम की आवश्यकता होती है।
01. सत्य कौशल (REAL SKILL)
02. सत्य डिजीटल कोचिंग (REAL DIGITAL COACHING)
इस पाठ्यक्रम से क्या लाभ है? 
इन पाठ्यक्रमों से व्यक्ति कौशल का विकास करता है और अपनी आजिवीका के लिए सक्षम बनते हुए राष्ट्र के विकास में भागीदार बनता है।

यह पाठ्यक्रम किसके लिए है? 
इन पाठ्यक्रमों को कोई भी व्यक्ति अपने कौशल विकास के लिए कर सकता है और अपनी आजिवीका के लिए स्वयं को सक्षम बना सकता है।

इस पाठ्यक्रम की मान्यता क्या है? 
त्म्।स् ैज्ञप्स्स् का सभी शिक्षा पाठ्यक्रम भारत सरकार के से मान्यता प्राप्त है।

सत्य कौशल (REAL SKILL)
A-Computer Courses-Certificate Programme in Computer Applications, Computer Hardware&Networking, Desk Top Publishing (DTP), Office Automation through ICT, Programme in Website Design, Certificate Programme in AutoCAD, Multi-Media / Graphic Design Training , Certificate in Computer Concepts, Certificate course in Computerized Accounting, C, C++ and OOPs, Core Java, Advanced Java, Visual Basic with Access, Oracle, SQL and PL SQL, MS.NET, Computer Teacher Training Course, Computer Teacher Training Course, Diploma In Computer Application, Diploma In Computer Hardware And Networking, Certificate Programme in 3ds Max 3, Certificate Program me in CATIA V5, Certificate Programme in graphics, Asp.NET, Visual Basic, Adobe Photo&Flash
B-Conventional Training-Plumbing, Electrician, Sheet metal works, Welding (gas&electric resistance), Welding (gas&electric resistance), Fitter, Machinist, Turner, Draftsman (civil), CNC Programming&Operation, Certificate Programme in Pro-Engineering, Diesel mechanic, Tools&Die maker, Motor Vehicle Mechanic, Scooter&auto cycle mechanic, Book binder, Digital Photography, Carpenter, Spray Painting, Powder Coating, Pneumatics operation training, Hydrailics operation training
C-Electronic Courses-Mobile Repairing, Radio and TV repair, Repairing of electrical gadgets, Repair of refrigerator&AC, Electrical appliances repairing.
D-Leather Technology-Foot Wear Designing&Pattern Cutting (Manual), Foot Wear Designing&Pattern Cutting (CAD&Manual), Shoe CAD Designing Course, Leather Goods Manufacture, Textiles and Leather Garments Manufacture, Foot Wear Machine Maintenance, Shoe Upper Clicking, Shoe Upper Closing, Foot Wear Lasting, Making&Finishing, Foot Wear Making / Different Foot Wear Constructions.
E-Miscellaneous Courses-Beauty Parlor, Soft toys making, Fashion designing, Fashion Designing, Embroidery&needle work, Boutique, Health&fitness centre, Watch&clock mechanic, Cookery, Modern Secretarial Practice
 F-Incubation-Incubation for Small Enterprise Establishment

सत्य डिजीटल कोचिंग (REAL DIGITAL COACHING)
”डिजिटल कोचिंग“ विज्ञान के तकनीकी द्वारा प्रस्तुत एक मानव निर्मित अजीव शिक्षक/गुरू (डिजिटल विडियो-आॅडिया शैक्षणिक सामग्री) है। जो उपरोक्त शिक्षा को विद्यार्थीयों के अन्दर ज्ञान का संचरण कराता है। जिसके लिए आवश्यक उपकरण निम्नप्रकार हैं-
1. दृश्य माध्यम-एल.सी.डी-40 इंच या इससे बड़ा
2. हाई स्पीड कम्प्यूटर सी.पी.यू, की बोर्ड, माउस, स्पीकर
3. बिजली की उपलब्धता के लिए-यू.पी.एस, इन्वर्टर, बिजली/जेनरेटर
4. कक्षा-200 वर्ग फीट से 400 वर्ग फीट
पाठ्यक्रम-
1. विशेषीकरण (Specialization)  शिक्षा-इसके अन्तर्गत कक्षा-12 तक के सभी पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।
2. सामान्यीकरण (Generalization)  शिक्षा-इसके अन्तर्गत पुनर्निर्माण के सभी पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।
छात्रवृत्ति-
यह डिजिटल कोचिंग कोई भी व्यक्ति प्रारम्भ कर सकता है। यदि उसका डिजिटल कोचिंग भारतीय आध्यात्म एवं दर्शन आधारित स्वदेशी विपणन प्रणाली 3-एफ (3-F : Fuel-Fire-Fuel) सेे जुड़ता है तो प्रत्येक छात्र छात्रवृत्ति, सहायता और रायल्टी प्राप्त कर सकता है। अन्यथा वह अपने अनुसार डिजिटल कोचिंग का शुल्क निर्धारित करने के लिए स्वतन्त्र है।

स-सत्य नेटवर्क (REAL NETWORK)
किसी भी युग में अवतार, महापुरूष, संत या किसी भी व्यक्ति के गुण को सीधे देखकर पहचानने की क्षमता किसी भी व्यक्ति के अन्दर नहीं रही है। उस व्यक्ति को, स्वयं के अपने गुणों को ज्ञान, कर्म, जीवन के माध्यम द्वारा व्यक्त करना होता है। उसके बाद ही कुछ लोग उन्हें पहचानते हैं और उनके साथ एक-दूसरे के सदुपयोग के लिए साथ आते रहे हैं। प्राचीन समय में यह कार्य बहुत कठिन होता था इसके लिए वे अनेक प्रकार के आयोजन करते थे। 
वर्तमान युग में भी अनेक प्रकार के आयोजन जैसे-सेमिनार, सम्मेलन, प्रदर्शनी, मेले, परीक्षाएँ, प्रतिस्पर्धा इत्यादि द्वारा अपनी योग्यता प्रदर्शित किये जाते हैं। परन्तु यह सब समय लेने वाला है और आम नागरिक के योग्यता को व्यक्त करने का माध्यम नहीं बन पाता। दुनिया बहुत तेज हो चुकी है। ऐसे में किसी विशेष कार्य के लिए कोई भी संस्था/व्यक्ति/योजना संचालक शीघ्रता से अपने कार्य के लिए योग्य व्यक्ति से जुड़ना चाहता है। सीधे व्यक्ति से व्यक्ति के सम्बन्धित होने, परिचय बनाने के कार्य में मनुष्य जीवन इतना छोटा है कि वह एक सिमित दायरे तक ही रह जाता है। व्यापक दायरे तक जाने के लिए व्यक्ति का निराकार रूप विचार-गुण-योग्यता को ही प्रकाशित करना होता है।
शैक्षिक संस्थान अपने शिक्षार्थी की योग्यता को प्रकाशित करने के लिए अनेक कार्यक्रम जैसे- सेमिनार, सम्मेलन, परीक्षाएँ, प्रतिस्पर्धा इत्यादि आयोजित करती रहती है। राष्ट्र निर्माण का व्यापार-पुनर्निर्माण भी अपने विद्यार्थी के गुणों को प्रकाशित करने के लिए डिजिटल सत्य नेटवर्क की सुविधा और आजीवन रायल्टी प्रदान करता है।
भारत एक भाव प्रधान मनोरंजन आधारित देश है इसलिए भारत को एक बाजार की दृष्टि से अन्य देशों द्वारा देखा जाता है। इसका परिणाम यह है कि डिजिटल नेटवर्क के रूप में आये अनेक सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट आपको नेटवर्क तो उपलब्ध करातीं हैं परन्तु आपकी योग्यता व निवास क्षेत्रानुसार, आपसे कोई सम्पर्क कर आपकी शक्ति का उपयोग कर सके, ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं कराती। कहा जाता है-”ईश्वर सब देख रहा है“। डिजिटल वेबसाइट आधारित तकनीकी के आ जाने से और उस पर आपकी योग्यता की स्थिति उपलब्ध होने से आपको कौन-कौन कहाँ से देख रहा है ये आप भी नहीं जान सकते। और यदि आप उनके योग्य हुये तो आपसे सम्पर्क कर लेगें। जिस प्रकार ईश्वर आपकी योग्यतानुसार इस संसार में आपको कार्य सौंपता है। वर्तमान डिजिटल तकनीकी के युग में स्वयं को प्रकाशित करना आसान हो गया है। स्वयं को प्रकाशित करें और दूसरे के प्रकाश में स्वयं को लायें। इसके लिए राष्ट्र निर्माण का व्यापार-पुनर्निर्माण द्वारा निम्नलिखित नेटवर्क उपलब्ध हैं।

01. डिजिटल ग्राम नेटवर्क (Digital Village Network)
02. डिजिटल नगर वार्ड नेटवर्क (Digital City Ward Network)
03. डिजिटल एन.जी.ओ/ट्रस्ट नेटवर्क (Digital NGO/Trust Network)
04. डिजिटल विश्वमानक मानव नेटवर्क (Digital World Standard Human Network)
05. डिजिटल नेतृत्व नेटवर्क (Digital Leader Network)
06. डिजिटल जर्नलिस्ट नेटवर्क (Digital Journalist Network)
07. डिजिटल शिक्षक नेटवर्क (Digital Teacher Network)
08. डिजिटल शैक्षिक संस्थान नेटवर्क (Digital Educational Institute Network)
09. डिजिटल लेखक-ग्रन्थकार-रचयिता नेटवर्क (Digital Author Network)
10. डिजिटल गायक नेटवर्क (Digital Singer Network)
11. डिजिटल खिलाड़ी नेटवर्क (Digital Sports Man Network)
12. डिजिटल पुस्तक विक्रेता नेटवर्क (Digital Book Saler Network)
13. डिजिटल होटल और आहार गृह नेटवर्क (Digital Hotel & Restaurant Network)

राष्ट्र निर्माण का सत्य नेटवर्क वेबसाइट से आय/आर्थिक लाभ देने का आधार
1. सरकारी वेबसाइट से आय/आर्थिक लाभ देने का आधार
सरकारी वेबसाइट से आम नागरिक को कोई भी आर्थिक लाभ देने की योजना न तो कभी रही है, न ही कभी हो पायेगी। सरकारी वेबसाइट केवल अपने सरकारी काम की सूचना, व्यवस्था और नागरिक के लिए ऐसी सुविधा देती है कि आप अपने थोड़ी सी आवश्यकता के लिए फार्म, शुल्क इत्यादि देते-लेते रहें। और जीवन बदल देने का सपना देखते रहें। नागरिकों के व्यक्तिगत बौद्धिक विकास के लिए उनके पास कोई कार्यक्रम नहीं क्योंकि सरकार केवल एक व्यवस्थापक की भूमिका में होती है जिसे आप मतदान कर बनाते है। व्यवस्था संचालन के लिए।

2. नीजी वेबसाइट से आय/आर्थिक लाभ देने का आधार
नीजी वेबसाइट दो प्रकार की हो सकती हैं-
अ.निवासी द्वारा-अपना ज्ञान दिखाने के उद्देश्य से ऐसी वेबसाइट निवासीयों द्वारा बनाया जाता है। जैसे- ग्राम/नगर वार्ड का वेबसाइट केवल यही सिद्ध कर सकता है कि हमारे ग्राम/नगर वार्ड का वेबसाइट बन गया और हम अब इन्टरनेट पर हैं। उपयोगिता सरकारी कामों का मार्गदर्शन और बनाने वाले का निवास क्षेत्र में अपना टेक्नीकल ज्ञानी होने का भवकाल जिसका अनेक प्रकार का व्यक्तिगत लाभ है जो सिंर्फ बनाने वाला ही जान व प्राप्त कर सकता है। नागरिकों के व्यक्तिगत बौद्धिक विकास व लाभ के लिए उनके पास कोई कार्यक्रम नहीं होती है। 
ब.किसी नीजी कम्पनी/अर्ध-सरकारी कम्पनी/कार्पोरेशन द्वारा-इस प्रकार के वेबसाइट शुद्ध रूप से व्यापार के उद्देश्य से बनाया जाता है जो निवासीयों से अपना व्यापार बढ़ाने के लिए उन्हें ग्राहक बनाना चाहती है। जैसे- बैंक, बीमा कम्पनी इत्यादि। इनसे लाभ ये है कि नागरिक के धन को लेकर नियमानुसार जो लाभ दिया जाता है वो नागरिक को दिया जाता है। नागरिक द्वारा प्राप्त धन से वे व्यापार करती हैं। नागरिकों के व्यक्तिगत बौद्धिक विकास के लिए उनके पास कोई कार्यक्रम नहीं होती है।

3. राष्ट्र निर्माण का सत्य नेटवर्क वेबसाइट से आय/आर्थिक लाभ देने का आधार
राष्ट्र निर्माण का वेबसाइट एक महान और ऐतिहासिक उद्देश्य के लिए व्यक्ति से लेकर विश्व के चहुमुखी विकास के लिए विकसित की गयी है जिसका सपना सत्य रूप में अपने देश भारत से प्रेम करने वाले देखते होेगें। 
राष्ट्र निर्माण के लिए विकसित वेबसाइट उपरोक्त (सरकारी व नीजी वेबसाइट) का सम्मिलित रूप के साथ निवासीयों के समग्र विकास से सम्बन्धित है। जिससे ग्राम/नगर वार्ड के निवासीयों को सरकारी योजनाओं के जानकारी के साथ-साथ बौद्धिक विकास के साथ व्यापार करने और आर्थिक लाभ कमाने के लिए सबको समान अवसर देता है। अर्थात् यह निवासीयों को मात्र ग्राहक नहीं, निवासीयों को व्यापारी भी बनाता है। इसलिए इसकी उपयेगिता निवासीयों के जीवन में सदैव बनी रहती है।
सत्य नेटवर्क का वेबसाइट राष्ट्र निर्माण का व्यापार-पुनर्निर्माण के पाठ्यक्रम की भाँति एक सुविधा वाला उत्पाद है। जिसे खरीदने पर वही नियम लागू होता है जो पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर होता है अर्थात् छात्रवृत्ति, सहायता और रायल्टी के लिए नेटवर्क में जुड़ने वाला प्रत्येक व्यक्ति/संस्था भी अधिकृत होता है। पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाला विद्यार्थी पाठ्य सामग्री प्राप्त करता है जबकि सत्य नेटवर्क से जुड़ने वाला व्यक्ति/संस्था ”स्वयं को प्रकाशित करें और दूसरे के प्रकाश में स्वयं को लायें“ का सुविधा प्राप्त करता है। सत्य नेटवर्क से जुड़ने वाला व्यक्ति/संस्था एक स्वतन्त्र प्रवेश केन्द्र/प्रेरक ही होता है।

राष्ट्र निर्माण के सत्य नेटवर्क वेबसाइट का स्वरूप
राष्ट्र निर्माण के सत्य नेटवर्क का वेबसाइट का स्वरूप निम्न रूप से है-
1. राष्ट्र निर्माण के किसी भी सत्य नेटवर्क के वेबसाइट में दो मीनू होते हैं- उध्र्व और क्षैतिज मीनू। 
2. उध्र्व मीनू में उस नेटवर्क के विषय से सम्बन्धित सामान्य जानकारी होती है जो उनके ज्ञान के विकास के लिए आवश्यक होता हैं जिसका नियंत्रण अर्थात् उस पर सामग्री भरना, हटाना, बदलना, बढ़ाना इत्यादि नेटवर्क नियंत्रक (कम्पनी) के पास होता है।
3. सत्य नेटवर्क से जुड़ने वाले प्रत्येक व्यक्ति/संस्था के नाम से उपलब्ध डोमेन नाम से ही उसका वेबसाइट होता है जिसका नियंत्रण उसी व्यक्ति/संस्था के द्वारा होता है। 
4. क्षैतिक मीनू में उस नेटवर्क में शामिल होने वाले व्यक्ति/संस्था से सम्बन्धित जानकारी जैसे-समाचार, परिचय, फोटो, आॅडियो-विडियो, सम्पर्क इत्यादि होती है जिसका नियंत्रण अर्थात् उस पर सामग्री भरना, हटाना, बदलना, बढ़ाना इत्यादि उसी व्यक्ति/संस्था के द्वारा नियंत्रित होता है।

राष्ट्र निर्माण के सत्य नेटवर्क वेबसाइट की विशेषता
राष्ट्र निर्माण के सत्य नेटवर्क का वेबसाइट की विशेषता निम्नलिखित है-
1. राष्ट्र निर्माण के किसी भी सत्य नेटवर्क के वेबसाइट में से नेटवर्क में जुड़े व्यक्ति/संस्था को पिन कोड, जिला, विधायक क्षेत्र, संसद क्षेत्र के अनुसार छानकर (फिल्टर) कर उनके वेबसाइट को देखा जा सकता है। देखने के लिए जरूरी नहीं कि देखने वाला व्यक्ति/संस्था उस नेटवर्क से जुड़ा ही हो। उदाहरणस्वरूप यदि कोई नया राजनीतिक दल या व्यापारिक संस्था अपने लिए योग्य व्यक्ति किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र में खोज रहा हो तो वह सीधे डिजिटल नेतृत्व नेटवर्क (Digital Leader Network)  के वेबसाइट पर जाकर इच्छित क्षेत्र पिन कोड, जिला, विधायक क्षेत्र, संसद क्षेत्र के अनुसार छानकर (फिल्टर) कर उस व्यक्ति के वेबसाइट से उससे सम्पर्क कर सकता है।
2. राष्ट्र निर्माण के किसी भी सत्य नेटवर्क के वेबसाइट से कोई भी व्यक्ति/संस्था (जरूरी नहीं कि देखने वाला व्यक्ति/संस्था उस नेटवर्क से जुड़ा ही हो) किसी भी स्तर के भौगोलिक क्षेत्र जैसे-पिन कोड, जिला, विधायक क्षेत्र, संसद क्षेत्र के अनुसार छानकर (फिल्टर) व्यक्ति/संस्था के विषय में जानकारी देख सकता है और सम्पर्क कर सकता है। जो एक-दूसरे के लिए लाभदायक है।
3. सत्य नेटवर्क के किसी भी बवेबसाइट से किसी भी सत्य नेटवर्क के वेबसाइट पर जा सकते हैं।
4. राष्ट्र निर्माण के किसी भी सत्य नेटवर्क के वेबसाइट में से नेटवर्क में जुड़े व्यक्ति/संस्था स्वयं अपने बारे में दूसरों को बताने के लिए अपने विभिन्न प्रकार के कागजात जैसे-विजिटिंग कार्ड, लेटर पैड, परिचित के बीच में अपने वेबसाइट के नाम का प्रयोग कर सकते हैं।
5. राष्ट्र निर्माण के किसी भी सत्य नेटवर्क के वेबसाइट में से नेटवर्क में जुड़े व्यक्ति/संस्था को छात्रवृत्ति, सहायता और रायल्टी नियमानुसार प्राप्त होता है।

सत्य नेटवर्क वेबसाइट शुल्क (Website Fees)
सत्य नेटवर्क के सभी नेटवर्क का शुल्क एक ही हैं जिसे तीन किस्त प्रथम 25 प्रतिशत, द्वितीय 50 प्रतिशत, अन्तिम 25 प्रतिशत के तीन किस्त में दिया जा सकता है।
प्रत्येक वेबसाइट पर छात्र द्वारा चुनी गयी सहायता जैसे छात्रवृत्ति सहायता ;ैबीवसंतेीपच भ्मसचद्ध, शिक्षा सहायता ;म्कनबंजपवद भ्मसचद्ध, पर्यटन सहायता ;ज्वनतपेउ भ्मसचद्ध, घरेलू पुस्तकालय सहायता ;भ्वउम स्पइतंतल भ्मसचद्ध, स्वास्थ्य सहायता ;भ्मंसजी भ्मसचद्ध में से एक दी जाती है। नियमानुसार साथ ही रायल्टी भी दी जाती है।

सत्य नेटवर्क से अधिक लाभ के सामान्य लक्ष्ययुक्त कार्य
सत्य नेटवर्क का वेबसाइट राष्ट्र निर्माण का व्यापार-पुनर्निर्माण के पाठ्यक्रम की भाँति एक सुविधा वाला उत्पाद है। जिसे खरीदने पर वही नियम लागू होता है जो पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर होता है अर्थात् छात्रवृत्ति, सहायता और रायल्टी के लिए नेटवर्क में जुड़ने वाला प्रत्येक व्यक्ति/संस्था भी अधिकृत होता है। पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाला विद्यार्थी पाठ्य सामग्री प्राप्त करता है जबकि सत्य नेटवर्क से जुड़ने वाला व्यक्ति/संस्था ”स्वयं को प्रकाशित करें और दूसरे के प्रकाश में स्वयं को लायें“ का सुविधा प्राप्त करता है। सत्य नेटवर्क से जुड़ने वाला व्यक्ति/संस्था एक स्वतन्त्र प्रवेश केन्द्र/प्रेरक ही होता है। प्रवेश केन्द्र/प्रेरक को इस प्रणाली से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित कार्य अवश्य करना चाहिए और सबसे पहले इन्हें लक्ष्य बनाना चाहिए-
अ.अधिक से अधिक सत्य मानक शिक्षा के अन्तर्गत प्रवेश पंजीकरण करायें चाहे वह भारत में कहीं भी हों।
ब.सत्य नेटवर्क के निम्नलिखित नेटवर्क में अधिक से अधिक लोगों को जोड़े-
01. डिजिटल ग्राम नेटवर्क (Digital Village Network)-प्रत्येक ग्राम से एक
02. डिजिटल नगर वार्ड नेटवर्क (Digital City Ward Network)-प्रत्येक नगर वार्ड से एक
03. डिजिटल एन.जी.ओ/ट्रस्ट नेटवर्क (Digital NGO/Trust Network)-अनेक
04. डिजिटल विश्वमानक मानव नेटवर्क (Digital World Standard Human Network)-अनेक
05. डिजिटल नेतृत्व नेटवर्क (Digital Leader Network)-अनेक
06. डिजिटल जर्नलिस्ट नेटवर्क (Digital Journalist Network)-अनेक
07. डिजिटल शिक्षक नेटवर्क (Digital Teacher Network)-अनेक
08. डिजिटल शैक्षिक संस्थान नेटवर्क (Digital Educational Institute Network)-अनेक
09. डिजिटल लेखक-ग्रन्थकार-रचयिता नेटवर्क (Digital Author Network)-अनेक
10. डिजिटल गायक नेटवर्क (Digital Singer Network)-अनेक
11. डिजिटल खिलाड़ी नेटवर्क (Digital Sports Man Network)-अनेक
12. डिजिटल पुस्तक विक्रेता नेटवर्क (Digital Book Saler Network)-अनेक
13. डिजिटल होटल और आहार गृह नेटवर्क (Digital Hotel & Restaurant Network)-अनेक

सत्य नेटवर्क प्रेरक का कार्य क्षेत्र व्यक्तिगत सम्बन्धों के आधार पर वह भारत के किसी निवासी के लिए भी व्यक्तिगत रूप से कार्य कर सकता है। जिससे अन्य को लाभ में यथाशीघ्र भागीदारी मिल सके।